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निर्भया की माँ: ये फांसी अनंतकाल तक नहीं होगी, दोषियों के वकीलों की चुनौती हुई सच

निर्भया के दोषियों को दी जाने वाली फांसी की सजा एक बार फिर टल गई है। चारों दोषियों को अब 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी नहीं होगी। अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा और पवन गुप्ता की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई की। निर्भया के दोषियों की फांसी एक बार फिर रोक दी गई है। कोर्ट ने अगले आदेश तक इन दरिंदों को फांसी नहीं दी जा सकती है। इस फैसले पर निर्भया की मां भावुक हो गई और रोते हुए कहा कि दोषियों ने वकील को चुनौती दी थी कि यह फांसी अनंत काल तक नहीं होगी और उन्होंने इसे सही साबित कर दिया है।

इसके साथ ही निर्भया का पक्ष रखने वाली वकील के भी आंसू आ गए। उन्होंने कहा कि न्याय में काफी देर हो रही है, लेकिन उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक निर्भया के दोषियों को फांसी नहीं हो जाती तब तक वह हार नहीं मांनेगीं। निर्भया की मां का कहना है कि आखिर मुजरिम जो चाहते थे वह हो गया है। इस पर सरकार और कोर्ट को विचार करना चाहिए। अब तो ऐसा लग रहा है जैसे सभी लोग मुजरिमों का साथ दे रहे हैं। जब निर्भया की मां से सवाल किया गया कि क्या अभी भी आपको सबूत पर विश्वास है तो उन्होंने कहा कि मैं कोर्ट के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगी। लेकिन सरकार और कोर्ट को विचार जरूर करना चाहिए।

अतिरिक्त सत्र न्यायधीश धर्मेंद्र राणा ने आदेश दिया कि कोर्ट के अगले आदेश तक दोषियों की फांसी की सजा स्थगित रखी जाए। इससे पहले दोषी पवन गुप्ता को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। पवन की पुनर्विचार याचिका शीर्ष कोर्ट ने शुक्रवार को खारिज कर दी। पवन ने 20 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर याचिका दायर की थी, जिसमें अपराध के समय उसे नाबालिक होने की अर्जी खारिज की थी। पवन की याचिका पर सुनवाई जस्टिस आर भानुमति, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस ए.स. बोपन्ना की बेंच ने चेंबर में की। दूसरी तरफ, पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई के दौरान तिहाड़ जेल प्रशासन ने कहा है कि 1 फरवरी को फांसी दी जा सकती है। विनय की दया याचिका राष्ट्रपति के पास लंबित है। इसलिए उसे छोड़कर बाकी सभी को फांसी दी जा सकती है।वहीं निर्भया की मां की तरफ से पेश वकील ने दलील दी कि दोषी फांसी से बचने के लिए हथकंडे अपना रहे हैं।

डीजी (जेल) संदीप गोयल के अनुसार, फांसी के फंदे पर डमी लटकाने की प्रक्रिया को जल्लाद पवन ने पूरा किया। फांसी की तैयारियों के लिए पवन गुरुवार को जेल पहुंच गए थे। वहां उन्होंने सभी तैयारियों का जायजा लिया और फंदे की मजबूती भी जाचीं। केंद्र सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के लिए राजी हो गया है। वर्ष 2014 शीर्ष कोर्ट ने दया याचिका खारिज होने के 14 दिन बाद फांसी देने की व्यवस्था की थी। याचिका में केंद्र सरकार ने कहा, कोर्ट कै मौजूदा गाइडलाइंस के चलते दोषी को फांसी टालने का मौका मिल जाता है।

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