हाथ में स्टेयरिंग और यात्रियों की जान जोखिम में डाल 20 किलोमीटर तक चैट करता रहा ड्राइवर, वीडियो वायरल

वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, यह चेतावनी बोर्ड सड़क किनारे अक्सर देखे जा सकते हैं। मगर चेतावनी बोर्ड पर लिखी नसीहत का असर कितना होता है इसकी बानगी आज देखने को मिली। हरियाणा निजी बस के एक ड्राइवर ने न केवल अपनी जान जोखिम में डाली बल्कि उन यात्रियों की जान को जोखिम में डाल दी जो उसके बस में सफर कर रही थीं। सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की खुमारी इस कदर तक चढ़ गई है कि लोग जान जोखिम में डालकर भी इसका यूज करने से नहीं हिचकिचा रहे हैं, फिर चाहे वह ड्राइवर ही क्यों ना हो?

जिला बिलासपुर में ऐसा ही मामला सामने आया है । बिलासपुर जिले के स्वारघाट क्षेत्र में एक निजी बस के ड्राइवर ने बस चलाते हुए लापरवाही की सारी हदें पार कर दी। छकोह से नैना देवी के लिए जाने वाली परमार बस सर्विस का ड्राइवर बस चलाते हुए फोन चलाता रहा। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी बिलासपुर एस.के.पाराशर का कहना है इस संबंध में ऑपरेटर को नोटिस जारी किया गया है। निजी बस ऑपरेटर विक्रम परमार ने कहा कि इस संबंध में ड्राइवर से जवाब मांगा जाएगा। इस तरह की लापरवाही बिल्कुल सहन नहीं की जाएगी। निजी बस के ऑपरेटर को इस संबंध में आरटीओ कार्यालय से नोटिस जारी किया गया है। ड्राइवर एक हाथ में स्टेयरिंग और दूसरे हाथ में मोबाइल फोन लेकर फेसबुक और मैसेंजर पर चैट करता रहा। ड्राइवर इस बात को नजरअंदाज कर गया कि उसके हाथों में 30-35 ज़िन्दगियां भी हैं जो इस बस में सवार थीं।

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सवारियों से भरी हुई बस चलाते हुए वह काफ़ी देर तक फेसबुक पर चैटिंग करता रह इस दौरान करीब 20 किलोमीटर तक का सफर तय किया। उसकी इस हरकत को देख सवारियों की सांसे अटकी रहीं। काफी देर तक उसे फोन पर चैट करते देख जब एक यात्री ने उसे मना किया तो उसका उस पर कोई असर नहीं हुआ। इस बीच बस में सवार एक यात्री ने मोबाइल पर इसका वीडियो बना डाला और मीडिया तक पहुंचा दिया। नियमों की दुहाई देने वाला प्रशासन इस मामले में कितनी कार्यवाही करता है, देखने वाली बात होगी।

हिमाचल प्रदेश में कई खतरनाक सड़क हादसे भी हो चुके हैं। लेकिन इसके बावजूद बस चालक लापरवाही बरतने से बाज़ नहीं आ रहे। बीते वर्ष बंजार में हुए हादसे में करीब 48 लोगों की मौत हो चुकी थी। इसके बाद सरकार और प्रशासन ने कुछ दिन तो सख्ती बरती, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया प्रशासन की कार्यवाही ढ़ीली पड़ती गई और कानून व नियमों की धज्जियां उड़नी शुरू हो गई।

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