Categories: देश

मध्य प्रदेश की इस तहसीलदार ने हैदराबाद एनकाउंटर पर मेनका गांधी को आड़े हाथों लिया

श्योपुर की दबंग तहसीलदार अमिता सिंह तोमर ने हैदराबाद गैंगरेप मामले में भाजपा सांसद मेनका गांधी के बयान को आड़े हाथों लिया। अमिता सिंह ने फेसबुक पर लिखा,

मेनका जी आपको जानवरों की फिक्र है,पर एक डॉक्टर आपकी नजर में जानवर से भी बदतर है,धिक्कार है आपकी सोच पर। उल्लेखनीय है कि हैदराबाद गैंगरेप के चारों आरोपियों के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद मेनका गांधी ने कहा था।

जो भी हुआ इस देश के लिए भयानक है। आप कानून को हाथ में नहीं ले सकते, आरोपियों को अदालत से तो फांसी मिलने ही वाली थी। कुछ समय पहले अमिता सिंह ने फेसबुक पर चाटुकारिता और भ्रष्टाचार बनाम शासकीय सेवा शीर्षक से एक पोस्ट लिखी थी। इसमें उन्होंने प्रदेश भर के तहसीलदारों को भ्रष्ट बताया था। अमिता सिंह ने लिखा था कि ऐसी व्यवस्था से घिन आती है। उन्होंने श्योपुर कलेक्टर के काम-काज पर भी उंगली उठाई थी। उन्होंने लिखा था कि हम जैसे वरिष्ठ तहसीलदारों को हटाकर नए-नए साहबानों को मुख्यालय में तहसीलदारों के पद से नवाजा जाता रहा है। अमिता सिंह ने लिखा कि सीनियर्स तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को गाड़ी में बैठाकर घुमाया जाता है। अमिता ने कुछ समय पहले पूरे सिस्टम को भ्रष्ट करार देते हुए कमलनाथ सरकार पर भी उंगली उठाई थी।

सन 2017 में अमिता सिंह राजगढ़ की तहसीलदार बनी थीं। वहां खुले में शौच को लेकर प्रशासन का “रोको-टोको” अभियान चलाया जा रहा था। तब वार्ड 13 के बाराद्वारी क्षेत्र में रहने वाली एक लड़की सुनीता विश्वकर्मा पर चांटा मारने का आरोप लगा। दरअसल, सुनीता के परिजनों ने टॉयलेट निर्माण के लिए नगर पालिका में रुपए जमा करा दिए थे। लेकिन फिर भी टॉयलेट नहीं बन पाया। अमिता सिंह इसके लिए लड़की के परिजनों को दोषी मान रही थी।

राजीव गांधी पर भी की थी टिप्पणी
अमिता सिंह ने 2016 में फेसबुक पर मोदी की अफगानिस्तान यात्रा पर टिप्पणी की थी। उन्होंने लिखा था, “प्रधानमंत्री अफगानिस्तान गए, तो वहां के मुसलमानों ने भारत के झंडे को लेकर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारे लगाए। इसलिए प्रधानमंत्री जी से अनुरोध है कि, “वे राजीव गांधी आत्महत्या योजना शुरू करें। ताकि छद्म, धर्मनिरपेक्ष और कांग्रेसी विचार वाले लोग यह खबर सुनकर आत्महत्या कर सके।” अमिता कि इस पोस्ट के बाद जबरदस्त विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने पोस्ट डिलीट कर दी थी।

लगातार ट्रांसफर पर उठाए सवाल
जब 2017 में राजगढ़ जिले के ब्यावरा की तहसीलदार अमिता सिंह का ट्रांसफर सीधी जिले में कर दिया गया था। तब एमपी में शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री थे। ट्रांसफर से अमिता सिंह काफ़ी खफा थी। उन्होंने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी को अपनी परेशानी बताई थी। उन्होंने ट्वीट किया ,”13 साल की नौकरी के दौरान यह मेरा 25वां तबादला है। जब भी मेरा तबादला किया गया है हर बार मुझे 500 किमी दूर ही भेजा गया।”

KBC में भी आजमा चुकी अपना भाग्य
महिला तहसीलदार रही अमिता सिंह ने एक समय में अपनी उपलब्धियों की वजह से प्रदेश का मान-सम्मान बढ़ाया था। सरकारी सेवा में रहते हुए 2011 में वह KBC पहुंची थी। अमिताभ के सामने हॉट सीट पर बैठकर वह सवालों का जवाब देकर 50 हजार रुपए जीती थी। KBC से लौटने के बाद मध्यप्रदेश में अमिता सिंह का कई जगहों पर सम्मान भी हुआ था।

420 का लग चुका आरोप
KBC जीतने के बाद 2012 में ग्वालियर की एक महिला ने अमिता सिंह पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था कि ग्वालियर के सिटी सेंटर स्थित एक फ्लैट को बेचने के लिए अमिता ने ₹25000 एडवांस ले लिया और रजिस्ट्री भी नहीं करवाई।

Leave a Comment