सपने में आये शनिदेव और दे गए अंधे भक्त को ऐसा वरदान, सुबह आँख खोलते ही दिखने लगा सब कुछ

शनिवार का दिन भगवान शनिदेव को समर्पित होता है। ऐसी मान्यता है कि शनिवार को जो भी शनिदेव की पूजा करता है उस पर उनकी कृपा होती है। शनिवार के दिन सुबह से ही तेल दान मांगने वाले और शनि पर तेल का अभिषेक करने वाले लोग मिल जाएंगे। ग्रहों में शनि देव को कर्मों का फल देने वाला ग्रह माना जाता है। शनिदेव एकमात्र ऐसे देव हैं जिनकी पूजा लोग डर की वजह से करते है लेकिन ऐसा नहीं है। शनि देव न्याय के देवता है जो इंसान को उसके कर्म के हिसाब से फल देते हैं। शनि देव द्वारा गोपालदास को ऐसा वरदान दिया गया कि उनका जीवन ही परिवर्तित हो गया।

गोपालदास अंधे थे यह बात सपने में उन्होंने शनिदेव को बोली। इसके बाद शनिदेव ने कहा कि अपनी आंखें खोलो। अब से तुम सब कुछ देख सकोगे। जब गोपालदास ने आंखें खोली तो वह सब कुछ साफ-साफ देख सकते थे। शनिदेव का प्राचीन मंदिर जुनी इंदौर में स्थित है। कथा के अनुसार मंदिर वाली जगह पर आज से 300 साल पहले वहां के गोपाल दास नामक व्यक्ति को सपने में शनिदेव ने दर्शन देकर 20 फीट टीले में अपनी प्रतिभा के दबी होने के बारे में कहा। शनिदेव ने गोपाल दास को टिला खोदकर प्रतिमा बाहर निकालने का आदेश दिया।

इसके बाद गोपाल दास ने किले की खुदाई की और वहां शनिदेव की प्रतिमा निकली। जिसके बाद उन्होंने वहीं प्रतिमा की स्थापना कर दी और मंदिर की देखरेख करने लगे। तब से आज तक गोपालदास के परिजन ही पुजारी के रूप में शनिदेव की पूजा अर्चना करने लगे। कई जगह शनि मंदिर में महिलाओं के पूजा करने पर विरोध होता है। लेकिन इस मंदिर में महिलाओं और पुरुषों के बीच पूजा करने में कोई भेदभाव नहीं किया जाता है। यहां पर महिलाएं न सिर्फ शनिदेव को तेल अर्पित करती है बल्कि मंदिर की बागडोर महिला पुजारी के हाथों में है।

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