Categories: राजनीति

महाराष्ट्र में बीजेपी को झटका पंकजा मुंडे का बीजेपी कमेटी से इस्तीफा, शीर्ष नेताओं पर लगाए आरोप

महाराष्ट्र बीजेपी के बड़े नेताओं में गिने जाने वाली पंकजा मुंडे ने बीजेपी के कोर कमेटी से इस्तीफा दे दिया है। पिछले कई दिनों से पंकजा मुंडे के बगावती होने की चर्चा गर्म थी। 1 दिसंबर को फेसबुक पोस्ट लिखकर पंकजा मुंडे ने ऐलान कर दिया था कि 12 दिसंबर को अपने पिता की जयंती के दिन वह कोई बड़ा फैसला ले सकती है। आज उन्होंने अपने चुनावी क्षेत्र में जनता के सामने अपना फैसला सुना दिया। पंकजा ने बीते दिनों को याद करते हुए बताया कि 1 दिसंबर को फेसबुक पोस्ट किया और उसके बाद अब 12 दिनों तक उनके बारे में ही बात कर रहे हैं। पंकजा मुंडे ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इसी मैदान में उन्होंने गोपीनाथ मुंडे साहब को मुखाग्नि दी थी। उन्होंने कहा कि गोपीनाथ मुंडे ने कभी किसी के पीठ में खंजर नहीं भोंका। इसके बाद आज पंकजा ने ऐलान कर दिया कि वह अपने पिता के नाम पर 26 जनवरी से मशाल लेकर पूरे महाराष्ट्र का दौरा करेगीं।

अपने पिता गोपीनाथ मुंडे की जयंती पर एक कार्यक्रम में बीड के मंच से पंकजा मुंडे ने महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष चंद्रकांत पाटील की मौजूदगी में इसका ऐलान किया। पंकजा ने कहा वह चुनाव के एक दिन पहले तक दूसरे उम्मीदवारों के लिए प्रचार कर रही थी। उन्होंने कहा कि एक-एक विधायक के संग मिलकर काम कर रही थी। पंकजा ने महाराष्ट्र बीजेपी के नेताओं पर उनके खिलाफ साजिश का भी आरोप लगाया है। महाराष्ट्र बीजेपी के खिलाफ आक्रोश जाहिर करते हुए पंकजा ने कहा, “मैं बगावत क्यों करूं, लोगों ने मेरे खिलाफ साजिश रची। मेरे पिता बीजेपी को जीरो से यहां तक लाए और मैंने भी योगदान दिया है। लेकिन अब पार्टी निर्णय ले क्या करना है? मैं पार्टी नहीं छोडूंगी, लेकिन पार्टी इस बात का पता लगाएं कि मेरे खिलाफ किसने साजिश की।” पंकजा मुंडे ने कहा कि अगर विद्रोह नहीं होता तो क्या हमारे देश को आजादी मिलती। पंकजा ने इस दौरान एक शेर के माध्यम से बीजेपी के नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने कहा,

“शांत बैठी हूं, यह मत समझना आग नहीं मेरे अंदर, डरती हूं, समंदर न कम पड़ जाए आग बुझाने के लिए।”

बीजेपी की फायरब्रांड नेता पंकजा राजनीतिक पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखती है। 26 जुलाई 1979 को महाराष्ट्र के परली में जन्मी पंकजा गोपीनाथ मुंडे की पुत्री और प्रमोद महाजन की भतीजी है। महज 40 साल की उम्र में पंकजा ने समाज सेवा से लेकर राजनीति का अहम पड़ाव तय किया है। राजनीति में आने से पहले गैर सरकारी संगठनों के साथ काम किया करती थी। राजनीति में आने के बाद वे पिता की वजह से जल्दी ही लोकप्रिय हो गई और बीजेपी की युवा किंग, भारतीय जनता युवा मोर्चा के अध्यक्ष के तौर पर काम करने लगी। इसके बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव जीत कर विधानसभा में पहुंचीं।

Leave a Comment