Categories: देश

NCB के बारे में खास बातें, जो सुशांत मामले की जांच को लेकर चर्चा में है

भारत में गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के अंतर्गत संघीय स्तर की एक इंटेलिजेंस एजेंसी (Intelligence Agency) के तौर पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो काम करता है, जो ड्रग्स और नशे (Drugs & Prohibited Psychotropic Substances) के कारोबार से जुड़े अपराधों को डील करता है. बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत (Suspicious Death of Sushant Singh Rajput) के मामले में जो हाई प्रोफाइल जांच चल रही है, उसमें ड्रग्स का एंगल सामने आने के बाद सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियों के साथ एनसीबी भी शामिल हुई है.

नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक सब्सटैंस यानी NDPS एक्ट के प्रावधानों के तहत नशीले पदार्थों की तस्करी, ट्रैफिकिंग और अवैध व्यापार व सप्लाई के मामलों में एनसीबी दखल देती है. 1986 में बनी यह एजेंसी देश के राज्यों की सरकारों और केंद्रीय विभागों के साथ सामंजस्य बनाकर काम करती है. सुशांत के केस में जांच कर रही इस एजेंसी के बारे में काफी कुछ दिलचस्प है, जो जानना चाहिए.

कैसे बनी थी यह एजेंसी?
साल 1985 में जब एक्ट बना, उसके बाद 17 मार्च 1986 को एनसीबी का गठन हुआ था. अस्ल में, अंतर्राष्ट्रीय स्तर से लेकर देश के छुपे हुए नेटवर्कों से बड़ी मात्रा में नशे का अवैध व्यापार होने लगा था. ऐसे में, संयुक्त राष्ट्र जैसी एजेंसियां तक नशे के इस नेटवर्क के खिलाफ सख्त और कारगर तरीके अपनाने पर ज़ोर दे रही थीं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मुहिम शुरू होने के बाद भारत में भी एनसीबी प्रभाव में आया.ये भी पढ़ें :- रामसखा ‘सुग्रीव’ के नाम पर नहीं है इंडोनेशियाई हिंदू यूनिवर्सिटी, लेकिन हिंदुत्व की जड़ें गहरी हैं

NDPS एक्ट के अलावा, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट 1940 और NDPS में पीआईटी 1988 के सामंजस्य से जो नीति बनी थी, उसने एनसीबी के गठन का रास्ता बनाया था.

एनसीबी का लोगो.

आप कैसे जॉइन कर सकते हैं एनसीबी?

इस एजेंसी में अफसरों की नियुक्ति भारतीय राजस्व सेवा (IRS), पुलिस सेवा (IPS) और पैरामिलिट्री फोर्स के माध्यम से होती है. जबकि कुछ मौकों पर इस एजेंसी में सीधे भर्ती भी की जाती है. एनसीबी की आधिकारिक वेबसाइट पर आप भर्तियों के संबंध में जानकर आवेदन कर सकते हैं. इस एजेंसी में डीजी का पद IRS या IPS को ही दिया जा सकता है.

ये भी पढ़ें :- भारतीय साहस की चोटी रहे रेजांग ला को जानें, जहां चीन ने किया ब्लफ

एनसीबी का मुख्यालय देश की राजधानी दिल्ली में है जबकि ज़ोन्स के हिसाब से एनसीबी के मुख्य दफ्तर मुंबई, इंदौर, कोलकाता, दिल्ली, चेन्नई, लखनउ, जोधपुर, चंडीगढ़, जम्मू, अहमदाबाद, बेंगलूरु, गुवाहाटी और पटना में हैं. इनके अलावा कई शहरों में एनसीबी के सब ज़ोन्स भी हैं.

ये भी पढ़ें :-

क्या है दो मंत्रालयों के बीच फंसी ‘असम राइफल्स’ और किस पाले में जाना चाहती है?

अयोध्या मस्जिद के म्यूज़ियम, लाइब्रेरी और किचन की थीम क्या होगी?

आरटीआई के दायरे में नहीं
एक खास बात यह है कि एनसीबी, आरटीआई एक्ट 2005 के सेक्शन 24(1) के तहत सूचना के अधिकार के दायरे से बाहर एजेंसी है. यह एक तरह से गहन रिसर्च करने वाली एजेंसी है जो पता करती है कि ड्रग्स के धंधे के ट्रेंड क्या हैं, उनके काम करने के बदलते तौर तरीके और गुपचुप नेटवर्क कैसे चलता है. ये सब सूचनाएं जुटाने और उनके विश्लेषण करने का काम भी एनसीबी का ही है.

किन विभागों के साथ होता है सामंजस्य?
ड्रग्स के खिलाफ मुख्य तौर से सक्रिय रहने वाली इस एजेंसी को कस्टम और केंद्रीय एक्साइज़/जीएसटी, राज्यों की पुलिस, सीबीआई, केंद्रीय आर्थिक अन्वेषण ब्यूरो और अन्य इंटेलिजेंस व कानूनी एजेंसियों के साथ मिलकर काम करना होता है. ड्रग्स के खिलाफ अन्य जो एजेंसी होती हैं, उन्हें ट्रेनिंग देने का काम भी एनसीबी का है.


hindi.news18.com

Leave a Comment