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पुलवामा: शहीद की पत्नी बनेगी सेना अफसर, बहु के फैसले के साथ खड़ी है सास

देश के एक मोर्चे पर हमारे जांबाज बैठे होते हैं तो दूसरे मोर्चे उनकी मां, बहन और पत्नी। यह उनका साहस है जिसके बूते हमारे जांबाज बिना किसी चिंता देश पर कुर्बान होने के लिए हर समय तत्पर रहते हैं। और सलाम कीजिए उन महिलाओं को, जब कोई वीर तिरंगे में लिपटकर घर आता है तो वह अपने दर्द को पीछे छोड़कर साहस की एक नई इबारत लिखने लगती है।

शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल देहरादून के नेशविला रोड(डंघवाल) मार्ग के रहने वाले थे। वह बीती 18 फरवरी को आतंकी मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में 18 फरवरी को आतंकवादियों ने CRPF की टुकड़ी पर फियादिन हमला किया था। इसके 3 दिन बाद यहां पर आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई। जिसमें मेजर विभूति शहीद हो गए।

35 वर्षीय मेजर विभूति ढौंडियाल सेना के 55 RR (राष्ट्रीय राइफल) में तैनात थे। वह तीन बहनों के इकलौते भाई थे। वर्ष 2018 अप्रैल माह में उनकी शादी हुई थी। शादी को 1 साल भी नहीं हुआ था, जब उनकी शहादत की खबर आ गई और उनकी पत्नी निकिता ने न केवल खुद को बल्कि परिवार को भी संभाला। शहीद पति को अंतिम विदाई देते वक्त उन्होंने जो हिम्मत दिखाई, उनके हौसले को बयां करती है। वह ताबूत के पास खड़ी रही और पति का चेहरा हाथों में चूमकर उन्हें आई लव यू कहा। उन्हें सैल्यूट किया। अब वह दिन दूर नहीं जब वह उनकी ही तरह फौजी वर्दी में दिखाई देगीं।

हम बात कर रहे हैं शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल की पत्नी निकिता की। पति की शहादत के बाद अब वह देश की सेवा में उनकी ही राह पर चल पड़ी है। सैन्य अफसर बनने की और वह कदम बढ़ा चुकी हैं। टेस्ट व साक्षात्कार वह क्वालीफाई कर चुकी हैं और उन्हें उम्मीद है कि की मेरिट में स्थान बना लेगीं।

शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के अदम्य साहस को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से अलंकृत किया गया। उन्होंने न केवल कई सैन्य ऑपरेशन में हिस्सा लिया, बल्कि कई में अग्रणी भूमिका में भी रहे। आतंकियों का सफाया हुआ। उस रात सेना ने ऑपरेशन शुरू किया तो आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।टीम का नेतृत्व कर रहे मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल के गले और सीने में गोली लग गई। पर मेजर विभूति और उनकी टीम ने आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब दिया और इस कार्यवाही में दो आतंकवादी मारे गये। इसी मुठभेड़ में पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड अब्दुल रशीद गाजी भी ढेर हो गया था।

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