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हल्द्वानी: स्कूल फीस बढ़ाने के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे पार्षद को उठा ले गई पुलिस Dehradun News in Hindi

निजी स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने को लेकर धरने पर बैठे पार्षद को पुलिस ने उठाया.

हल्द्वानी (Haldwani) में अपन समर्थकों के साथ स्कूल फीस (School fees) बढ़ाने के विरोध में आमरण अनशन पर बैठे पार्षद को पुलिस ने उठाकर अस्पताल (Hospital) में भर्ती करवा दिया.

हल्द्वानी. प्राइवेट स्कूलों के द्वारा मनमानी फीस वसूलने के विरोध में कुछ सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता पार्षद रोहित कुमार के नेतृत्व में पिछले एक महीने से धरना दे रहे हैं. यह विरोध प्रदर्शन शुरू में धरने के रूप में शुरू हुआ था, लेकिन देखते-देखते ही यह आमरण अनशन में बदल गया. बुद्ध पार्क में आमरण अनशन पर बैठे पार्षद रोहित को गुरुवार को पुलिस प्रशासन ने जबरन उठा लिया और उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया. पार्षद को आमरण अनशन से उठाने पहुंची पुलिस को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनारियों के बीच झड़प भी हुई. हालांकि पुलिस किसी तरह अनशनकारी पार्षद को अपने साथ ले गई और गिरती सेहत का हवाला देकर उनको बेस अस्पताल में भर्ती करा दिया.

दिखावा है ऑनलाइन एजुकेशन 
प्रदर्शन में मौजूद कुछ अभिभावकों ने कहा कि ऑनलाइल क्लास, पढ़ाई के नाम पर एक दिखावा है. फीस वसूली के लिए प्राइवेट स्कूल संचालक ऐसा कर रहे हैं. एलकेजी से पांचवीं कक्षा तक के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई से कोई फायदा नहीं होता, क्योंकि न तो उन्हें कुछ समझ आ रहा और ना ही सभी पैरेंट्स के पास ऑनलाइन पढ़ाने की सुविधा है. अभिभावकों के मुताबिक एक तरफ बिना स्कूल गए बच्चे से पूरी फीस ली जा रही है, दूसरी तरफ घर बैठे इंटरनेट का खर्च भी अच्छा-खासा बढ़ गया है. कोरोना के कठिन दौर में आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे लोग ये दोहरी मार कैसे सहन करें. किसी को समझ नहीं आ रहा.

स्कूल ले रहे हैं पूरी फीस
उत्तराखंड सरकार ने प्राइवेट स्कूलों को शैक्षणिक सत्र 2020- 21 में फीस नहीं बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. आदेश के मुताबिक COVID-19 के कारण लागू लॉकडाउन के मद्देनजर निजी स्कूल इस शैक्षणिक सत्र में फीस नहीं बढ़ा सकते और ना ही वे ट्यूशन फीस के अतिरिक्त और कोई फीस ले सकते हैं. शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम द्वारा जून में जारी इस आदेश में कहा गया कि ट्यूशन फीस भी केवल वही स्कूल ले सकते हैं जो लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन कक्षाएं चलाते रहे हैं, लेकिन हैरानी की बात ये है कि स्कूल ना सिर्फ ट्यूशन फीस ले रहे हैं बल्कि अन्य तरह के शुल्क भी ले रहे हैं. ना देने पर बच्चों के माता-पिता को फोन और मैसेज कर परेशान किया जा रहा है. इसकी लगातार शिकायतें मिल रही हैं.


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