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स्टिंग: दिशा सालियान की ऑटोप्सी करने वाले डॉक्टर ने साधी चुप्पी, कहा-‘पुलिस के पास सारी जानकारी’

सुशांत सिंह राजपूत मामले में CBI इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि क्या उनकी मौत का उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत से कोई लिंक तो नहीं है जिन्होंने अभिनेता की मौत के ठीक एक हफ्ते पहले ही 8 जून को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।
 
रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क की एसआईटी ने उस डॉक्टर पर स्टिंग ऑपरेशन किया जिन्होंने दिशा का पोस्टमार्टम किया था। रिपब्लिक टीवी के पीयूष मिश्रा ने डॉक्टर से बात करने की कोशिश की जिन्होंने मामले से जुड़ी किसी भी डिटेल का खुलासा करने से इनकार कर दिया।
 
‘मुझे आपको कुछ भी बताने की अनुमति नहीं है’
 
उन्होंने कहा-“मैंने पुलिस को सबकुछ बता दिया है। मैंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सब लिखा है और मैं आपको कुछ भी बताने वाला नहीं हूं। मुझे आपको कुछ भी बताने की अनुमति नहीं है। आपको जो कुछ भी चाहिए, वो सब उस रिपोर्ट में है जो मैंने जमा करा दी है।” 
 
उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट की एक कॉपी देने से भी इनकार कर दिया और कहा-”आप कौन हैं? मैं आपको कैसे दे सकता हूं? क्या आप उनमें से किसी से संबंधित हैं? कृपया मेरे साथ बहस न करें। अब मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।”
 
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि CBI उन सभी को बुलाने की योजना बना रही है जो उस रात दिशा की पार्टी में मौजूद थे जिस समय उनकी मौत हुई। रिपब्लिक को पता चला है कि CBI ने अब तक जो बयान दर्ज किए हैं, उसमें दिशा की मौत का भी जिक्र है। सुशांत के फ्लैटमेट सिद्धार्थ पिठानी ने पुष्टि की कि दिशा की मौत की खबर सुनकर सुशांत काफी परेशान हो गए थे और उनकी तबियत खराब हो गई थी।
 
मौत से पहले, दिशा बंटी सजदेह की टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी कॉर्नरस्टोन में काम कर रही थी जो सुशांत का काम देखती थी। CBI ने गुरुवार को बंटी सजदेह को पूछताछ के लिए बुलाया था। 

दिशा की मौत पर उठे सवाल

एक हफ्ते पहले, CBI के सूत्रों ने रिपब्लिक टीवी को बताया था कि जांच अधिकारी यह पता लगाने के लिए उत्सुक हैं कि क्या दिशा की मौत आत्महत्या के कारण हुई या वह हत्या थी। जांच का यह पहलू सुशांत की मौत को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

दिशा सालियान ने कथित तौर पर 8 जून को मुंबई के मलाड में एक बिल्डिंग की चौदहवीं मंजिल से छलांग लगाई थी। राजनेता से लेकर सुशांत के परिवार और दोस्तों से लेकर कार्यकर्ताओं तक, पुलिस के दावों पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं जिसने बिना जांच के ही इसे आत्महत्या करार दिया था। साथ ही इसलिए भी क्योंकि मुंबई पुलिस ने कभी यह पता लगाने की कोशिश नहीं की कि क्या दो मौतों के बीच कोई लिंक था।



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