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राम मंदिर निर्माण के काम में आई तेजी, नींव डालने के लिए कानपुर से लाई गई भारी मशीन Ayodhya News in Hindi

भारी काशाग्रेनेड मशीन का इस्तेमाल राम मंदिर की गहराई से नींव की खुदाई करने में होगी

कानपुर (Kanpur) से लाई गई अत्याधुनिक कासाग्रेनेड मशीन (CASAGRANDE Machine) जमीन के नीचे न सिर्फ खुदाई करेगी बल्कि अंदर ही अंदर यह पिलर डालते हुए बाहर आएगी. मजबूती के लिहाज से लगभग 1200 स्थानों पर पिलर डाला जाएगा और उसके बाद राम मंदिर की नींव की खुदाई करते हुए इन पिलर को आपस में बांध दिया जाएगा

अयोध्या. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के अयोध्या में राम मंदिर (Ram Mandir) का मानचित्र (नक्शा) पास होने के बाद राम मंदिर निर्माण (Ram Temple Construction) के कार्य मे तेजी आ गई है. इसके तहत सबसे पहले बुनियाद का आधारभूत (Infrastructure) तैयार किया जाना है. इसके लिए 1200 स्थानों पर 35 मीटर यानी 200 फीट गहराई तक की पाइलिंग की जाएगी. जिस प्रकार नदी में निर्माण करने के लिए कुएं की तरह होल बनाए जाते हैं उसी तरह होल बनाकर उसमें खास तौर पर चयन की गई कंक्रीट भरी जाएगी और उस पर बुनियाद का स्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा. उसी पाइलिंग को करने के लिए कासाग्रेनेड मशीनें (CASAGRANDE Machine) रामजन्मभूमि परिसर पहुंच रही हैं. इन विशेष मशीनों के जरिए बुनियाद का स्ट्रक्चर खड़ा किया जाएगा.

राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट ने विकास प्राधिकरण में पैसा जमा किया और शुल्क जमा करने के बाद नक्शे की स्वीकृति ले ली है. इसके बाद अब मंदिर निर्माण के कार्य में तेजी लानी है. नींव की खुदाई के लिए अत्याधुनिक मशीनें अब राम जन्मभूमि परिसर में पहुंच गई हैं. बीते दिनों नींव की खुदाई के लिए पोकलैंड जेसीबी मशीन आई थी तो आज यानी शनिवार को कासा ग्रैंड मशीनें राम जन्मभूमि परिसर पहुंची हैं. यह मशीन नींव की खुदाई का काम करेगी. हालांकि यह मशीन अभी राम जन्मभूमि परिसर में नहीं जा पा रही है क्योंकि मशीन का साइज काफी बड़ा है और राम जन्मभूमि संपर्क मार्ग पर अंदर जाने में यह फंस रही है. जिस वजह से अब राम जन्मभूमि की बैरीकेडिंग को हटाया जाएगा तभी यह भारी मशीन राम जन्मभूमि परिसर में जा पाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी. यह भव्य मंदिर अगले 40 महीने में बनकर तैयार हो जाएगा (मॉडल तस्वीर)

अत्याधुनिक मशीनों की मदद से होगी मंदिर की नींव की खुदाईयह अत्याधुनिक मशीन जमीन के नीचे न सिर्फ खुदाई करेगी बल्कि अंदर ही अंदर यह पिलर डालते हुए बाहर आएगी. मजबूती के लिहाज से लगभग 1200 स्थानों पर पिलर डाला जाएगा और उसके बाद नींव की खुदाई करते हुए इन पिलर को आपस में बांध (जोड़) दिया जाएगा. जिससे कि किसी भी आपदा या भूकंप आने पर या यह पूर्णरूपेण सुरक्षित खड़ा रहे.

राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट कैंप कार्यालय के प्रभारी प्रकाश कुमार गुप्ता ने बताया कि राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए नक्शा विकास प्राधिकरण से पास होने के बाद यह ट्रस्ट को मिल चुका है. अब ट्रस्ट का काम मंदिर निर्माण की शुरुआत करना है. राम मंदिर निर्माण कार्य शुरू करने के लिए एलएंडटी (लार्सन एंड टूब्रो) कंपनी को जिन अत्याधुनिक मशीनों की जरूरत है उसको मंगवाने का काम किया जा रहा है. यह अत्याधुनिक मशीनें जमीन के अंदर खुदाई करते हुए प्लस को डालकर फिर से तैयार करेंगी.

कासा ग्रैंड मशीन को लेकर अयोध्या पहुंचे ट्रक के ड्राइवर ने बताया कि वो यह मशीन कानपुर से लेकर अयोध्या आया है. यह मशीन मंदिर की नींव बनाने के काम आएगी.


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