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मुंबई ही नहीं देशभर में पकड़े जा रहे हजारों ड्रग पैडलर, फिर क्यों नहीं रुक रहा नशे का कारोबार?

नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सुशांत राजपूत (Sushant Singh Rajput) की मौत के बाद से नशे का कारोबार और नॉरकोक्टिस कंट्रोल ब्यूरो (NCB) दोनों चर्चा में हैं. इसे लेकर अभिनेत्री रिया चक्रवती पर हो रही कानूनी कार्रवाई के बाद अब नशाखोरी और उससे जुड़े बिजनेस मॉडल को तोड़ने की चुनौती है. एनसीबी के जिम्मे देशभर में नशे के कारोबार को रोकना और इससे जुड़े लोगों को जेल भेजना है. लेकिन वो इसमें कितना सफल हो पाएगी किसी को नहीं पता.

हर साल मुंबई (Mumbai) ही नहीं देशभर में नशे की खेप की तस्करी करने वाले हजारों ड्रग पैडलर पकड़े जाते हैं. लाखों किलो के हिसाब से हेरोइन (Heroine), कोकीन और गांजा (Ganja) पकड़ा जा रहा है. इसके बावजूद नशे का कारोबार घटने या बंद होने की बजाय साल दर साल बढ़ता जा रहा है. जो एनसीबी की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाता है.

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में भी यह कारोबार पब, क्लब से लेकर गली-मोहल्लों तक में अपनी पैठ बना चुका है. एनसीबी समेत देश की दूसरी एजेंसियां लगातार ड्रग पैडलर को पकड़ रही हैं, बावजूद इसके इनकी पैठ हाईप्रोफाइल पार्टियों तक बढती जा रही है. गुरुग्राम के फार्म हाउसों में तो कई बार नशेड़ियों की पार्टी पर छापे पड़े हैं और लोग पकड़े गए हैं. नोएडा में भी रेव पार्टियां होती हैं. मायानगरी में तो इनकी जड़ें काफी गहरी हैं.

देश से बरामद नशे का सामान

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दिल्ली में बैठकर विदेशी चला रहे हैं नशे का कारोबार

अगर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा कुछ समय पहले तक जब्त की गई हेरोइन, कोकिन, अफीम, गांजा, नींद की गोलियों व इंजेक्शन के आंकड़ों पर निगाह डालें तो वो भी खासे चौंकाने वाले हैं. सूत्रों की मानें तो दिल्ली में रह रहे कई विदेशी नागरिक नशे के इस कारोबार को ऑपरेट कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की कार्रवाई में दर्जनों विदेशी पकड़े भी जा चुके हैं.

डराने वाले हैं एनसीबी के आंकड़े

एनसीबी के आंकड़ों की मानें तो हेरोइन, हशीश की सप्लाई हजारों किलो में पहुंच गई है. गांजा अब लाखों किलो के हिसाब से पकड़ा जा रहा है. अफीम भी हजारों किलो के हिसाब से पकड़ी जा रही है. इसके अलावा सस्ते नशे के रूप में कफ सीरप भी लाखों बोतल में पकड़ी जा रही है.

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वहीं महंगे नशे की चाहत रखने वालों की डिमांड बड़े-बड़े मार्केट में खुलने वाले क्लब और पब हैं. इतना ही नहीं हाईप्रोफाइल पार्टियों में सीधे ड्रग पैडलर महंगे नशे की सप्लाई खुद ही कर रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि दिल्ली-हरियाणा के फार्म हाउस में होने वाली रेव पार्टियों के लिए खास नशे म्याऊं-म्याऊं, सिरिंज, कोक की सप्लाई भी दिल्ली से हो रही है.

कितने ड्रग पैडलर पकड़े गए

रिटायर्ड डीएसपी पीके स्वरूप कहते हैं कि एनसीबी के अलावा नशीले सामान को पहचानने की महारत किसी और एजेंसी के पास नहीं है. इसलिए दूसरी एजेंसियां से हमेशा चूक होने की संभावना बनी रहती है. ड्रग माफिया अब मुखबिरों पर हमले करने और करवाने लगे हैं इसलिए सूचना तंत्र भी डरा हुआ है. इसलिए ड्रग के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही.


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